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जानिए Tripura Rubber को GI Tag की जरूरत और त्रिपुरा को नंबर-1 बनाने का Roadmap

Tripura Rubber Industry Northeast India

जब बात आती है किसी जगह की तो अक्सर वहाँ के प्रसिद्ध स्थल, पहनावा, खान-पान, संस्कृति या वहां की अपनी विशिष्ट पहचान दिमाग में आती है और यहाँ बात हो रही है त्रिपुरा राज्य (Tripura State) की जो न केवल अपने इतिहास, मंदिरों और हस्तशिल्प के लिए जाना जाता है, बल्कि प्राकृतिक रबर के लिए भी इसका नाम है!

जी हाँ, Natural Rubber producing states में केरल के बाद ही त्रिपुरा राज्य दूसरे नंबर पर आता है, लेकिन फिर भी भारी मात्रा में natural rubber cultivation और rubber plantation के बावजूद भी राज्य की आर्थिक कमाई इतनी नहीं होती जितनी होनी चाहिए तो त्रिपुरा रबर की खेती, GI Tag और Rubber Industry के आगे का Roadmap क्या है आदि इन्ही सब मुद्दों को लेकर News ढाणी ने बात की TRPCL चेयरमैन पाताल कन्या जमातिया से, आइये जानते हैं!

Tripura Rubber Industry: पहचान और अर्थव्यवस्था क्यों है महत्वपूर्ण?

Rubber cultivation में भारत में त्रिपुरा का योगदान लगभग 9% है और पुरे पूर्वोत्तर भारत में सबसे बड़ा रबर उत्पादक राज्य भी, तो वहां के लोगो के लिए यह महज एक agricultural activity नहीं बल्कि राज्य के ग्रामीण, आदिवासी और दूरदराज के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोगों की आजीविका और रोजगार natural rubber farming पर निर्भर करती है।

TRPCL चेयरमैन पाताल कन्या जमातिया के अनुसार, त्रिपुरा का रबर कच्चा माल बनकर रह गया है और इसे GI Tag मिलना जरुरी है ताकि त्रिपुरा की अपनी पहचान हो, आर्थिक अधिकार मिले और स्थानीय विकास की तरफ बढ़ें।

कच्चा माल त्रिपुरा का, लेकिन Brand दूसरे राज्यों का क्यों?

त्रिपुरा में raw rubber production का लगभग 96% हिस्सा Latex और Sheets के रूप में राज्य से बाहर जाता है और दूसरे राज्यों की फैक्टरियों में processing और branding के बाद दूसरे नामों से देश के विभिन्न बाजारों और उद्योगों में पहुंचता है।

और यही कारण है कि GI Tag for Tripura Rubber राज्य के rubber sector को नई पहचान दिलाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हो सकता है।

Tripura Rubber को GI Tag की आवश्यकता क्यों?

Tripura Rubber GI Tag के बारे में TRPCL चेयरमैन का कहना है कि त्रिपुरा के रबर को Geographical Indication (GI) Tag मिलना राज्य के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है। Tripura Rubber GI recognition से न केवल उत्पाद की नकल को रोका जा सकेगा, बल्कि किसानों और प्लांटेशन से संबंधित लोगों को उनकी मेहनत का वास्तविक मान और बाजार में बेहतर मूल्य भी प्राप्त होगा।

क्या है Tripura Rubber Industry का आगे का Roadmap

Tripura Rubber GI recognition एकमात्र उपाय नहीं है, इसके साथ ही राज्य के भीतर ही local rubber processing, value-added rubber products और Market Access को मजबूत करना है ताकि कच्चे माल की जगह तैयार रबर उत्पाद खुद त्रिपुरा से बाहर जाएं और brand value का बड़ा हिस्सा राज्य को ही मिले और इसके साथ ही रबर से जुड़े व्यवसायों में Women empowerment भी Tripura rubber industry development भी राज्य की रोजगार रणनीति का अहम हिस्सा हो सकता है।

तो TRPCL चैयरमेन के मुताबिक ऐसे ही बदलाव Tripura Rubber को raw-material producing state से आगे बढ़ाकर एक मजबूत rubber processing और manufacturing rubber hub in Northeast India बना सकते है!

GI Tag की जरूरत, त्रिपुरा को नंबर-1 बनाने का roadmap, और Rubber Industry का आगे का Roadmap: जानिए News ढाणी की सीरीज "रूबरू-ए-खास" में त्रिपुरा, TRPCL चैयरमेन से हुई पूरी बातचीत!

 

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