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नितिन नवीन बने अध्यक्ष, संगठन में बड़े फैसले, राज्यों में चुनावी मोर्चाबंदी तेज

नितिन नवीन बने अध्यक्ष, संगठन में बड़े फैसले, राज्यों में चुनावी मोर्चाबंदी तेज

 

भारतीय जनता पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही संगठनात्मक गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने पद संभालते ही यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी अब पूरी तरह चुनावी मोड में आ चुकी है। अपने कार्यकाल की पहली बड़ी पहल के रूप में उन्होंने विभिन्न राज्यों में होने वाले विधानसभा, नगर निगम और स्थानीय निकाय चुनावों को ध्यान में रखते हुए महत्वपूर्ण संगठनात्मक नियुक्तियाँ की हैं। इन नियुक्तियों को भाजपा की रणनीतिक तैयारी और चुनावी आक्रामकता के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।

केरल विधानसभा चुनाव: विनोद तावड़े को बड़ी जिम्मेदारी
बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन ने आगामी केरल विधानसभा चुनावों के लिए राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को चुनाव प्रभारी, केंद्रीय मंत्री शोभा करंदराजे को सह-प्रभारी नियुक्त किया है। केरल जैसे चुनौतीपूर्ण राज्य में यह नियुक्ति भाजपा की गंभीर रणनीति को दर्शाती है।

ग्रेटर बेंगलुरु नगर निगम चुनाव: राम माधव की वापसी
ग्रेटर बेंगलुरु नगर निगम (BBMP) चुनावों के लिए भाजपा ने पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव को प्रभारी, राजस्थान के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, महाराष्ट्र के विधायक संजय उपाध्याय को सह-प्रभारी बनाया है। यह टीम शहरी राजनीति में भाजपा को मज़बूत करने के मिशन पर काम करेगी।

तेलंगाना निकाय चुनाव: आशीष शेलार को कमान
तेलंगाना में आगामी नगर पालिका और कॉर्पोरेशन चुनावों के लिए आशीष शेलार को चुनाव प्रभारी, अशोक परनामी और रेखा शर्मा को सह-प्रभारी नियुक्त किया गया है। तेलंगाना में स्थानीय निकाय चुनावों को भाजपा राज्य विस्तार की अहम कड़ी मान रही है।

चंडीगढ़ मेयर चुनाव की जिम्मेदारी भी विनोद तावड़े को
इसके साथ ही भाजपा ने चंडीगढ़ के नए मेयर के चुनाव की देखरेख की जिम्मेदारी भी विनोद तावड़े को सौंपी है। यह उनके बढ़ते संगठनात्मक कद और नेतृत्व के भरोसे को दर्शाता है।

नितिन नवीन के अध्यक्ष बनने के बाद की गई ये नियुक्तियाँ साफ़ संकेत देती हैं कि भाजपा अब चुनाव दर चुनाव रणनीतिक तैयारी के साथ आगे बढ़ रही है। अनुभवी नेताओं को मैदान में उतारकर संगठन को ज़मीनी स्तर पर मज़बूत किया जा रहा है। आने वाले महीनों में इन नियुक्तियों के राजनीतिक परिणामों पर सभी की निगाहें टिकी रहेंगी।

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