Protein Per Day यानी रोज़ कितना प्रोटीन खाना चाहिए, यह सवाल आजकल हर किसी के मन में है। प्रोटीन सिर्फ मांसपेशियां बनाने के लिए नहीं, बल्कि शरीर की ग्रोथ, घाव भरने, हार्मोन और एंज़ाइम बनाने के लिए भी ज़रूरी है।
लेकिन हर व्यक्ति की ज़रूरत एक जैसी नहीं होती। उम्र, वजन, शारीरिक मेहनत और सेहत के हिसाब से यह कम-ज़्यादा होती है। इस लेख में भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) की 2020 की गाइडलाइन के आधार पर जानिए कि किस उम्र में रोज़ कितना प्रोटीन चाहिए।
प्रोटीन शरीर के लिए क्यों ज़रूरी है?
- मांसपेशियां और हड्डियां: इनके बनने और मज़बूत रहने के लिए।
- मरम्मत: चोट या बीमारी के बाद शरीर के टिश्यू की मरम्मत के लिए।
- त्वचा, बाल और नाखून: इनकी बनावट का बड़ा हिस्सा प्रोटीन से बनता है।
- हार्मोन और एंज़ाइम: शरीर की कई ज़रूरी प्रक्रियाएं इन्हीं से चलती हैं।
- रोग-प्रतिरोधक क्षमता: बीमारियों से लड़ने वाली एंटीबॉडी भी प्रोटीन से बनती हैं।
लंबे समय तक डाइट में पर्याप्त प्रोटीन न मिले, तो कमज़ोरी, थकान, मांसपेशियों की ताकत घटना और बच्चों में ठीक से ग्रोथ न होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
Protein Per Day: उम्र के हिसाब से कितना प्रोटीन चाहिए?
ICMR-NIN की 2020 की गाइडलाइन के मुताबिक रोज़ की प्रोटीन ज़रूरत (RDA) इस तरह है:
छोटे बच्चे
- 0 से 6 महीने: करीब 8 ग्राम
- 6 से 12 महीने: करीब 10.5 ग्राम
- 1 से 3 साल: करीब 12.5 ग्राम
- 4 से 6 साल: करीब 16 ग्राम
- 7 से 9 साल: करीब 23 ग्राम
छोटे बच्चों को प्रोटीन मां के दूध, दाल का पानी, खिचड़ी, दूध, दही, पनीर और अंडे से आसानी से मिल सकता है।
किशोर (10 से 18 साल)
- 10 से 12 साल: लड़के करीब 32 ग्राम, लड़कियां करीब 33 ग्राम
- 13 से 15 साल: लड़के करीब 45 ग्राम, लड़कियां करीब 43 ग्राम
- 16 से 18 साल: लड़के करीब 55 ग्राम, लड़कियां करीब 46 ग्राम
इस उम्र में शरीर तेज़ी से बढ़ता है। जो किशोर खेल-कूद या कसरत ज़्यादा करते हैं, उनकी ज़रूरत थोड़ी ज़्यादा हो सकती है।
वयस्क पुरुष और महिलाएं
ICMR के मुताबिक वयस्कों को शरीर के हर 1 किलो वजन पर करीब 0.83 ग्राम प्रोटीन रोज़ चाहिए:
- पुरुष (करीब 65 किलो): रोज़ करीब 54 ग्राम
- महिला (करीब 55 किलो): रोज़ करीब 46 ग्राम
उदाहरण: अगर आपका वजन 60 किलो है, तो रोज़ करीब 50 ग्राम प्रोटीन चाहिए (60 × 0.83)।
ज़रूरी बात: ICMR के मुताबिक जिन लोगों की डाइट ज़्यादातर अनाज (गेहूं, चावल, बाजरा) पर टिकी है और उसमें दाल-दूध कम है, उन्हें 1 ग्राम प्रति किलो प्रोटीन का लक्ष्य रखना चाहिए। गांवों में यह बात ज़्यादातर परिवारों पर लागू होती है।
गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाएं
- गर्भावस्था के दूसरे तिमाही (4-6 महीने): सामान्य से करीब 9.5 ग्राम ज़्यादा
- गर्भावस्था के तीसरे तिमाही (7-9 महीने): सामान्य से करीब 22 ग्राम ज़्यादा
- स्तनपान के पहले 6 महीने: करीब 17 ग्राम ज़्यादा
- स्तनपान के 6 से 12 महीने: करीब 13 ग्राम ज़्यादा
यानी तीसरे तिमाही में 55 किलो की महिला को रोज़ करीब 68 ग्राम प्रोटीन चाहिए।
बुज़ुर्ग
ICMR ने बुज़ुर्गों के लिए अलग मात्रा तय नहीं की है, यानी उनके लिए भी 0.83 ग्राम प्रति किलो का पैमाना है। लेकिन उम्र बढ़ने के साथ मांसपेशियां घटने का खतरा बढ़ता है, इसलिए हर भोजन में थोड़ा प्रोटीन ज़रूर हो। किडनी या दूसरी बीमारी वाले बुज़ुर्ग डॉक्टर से अपनी सही मात्रा पूछें।
Protein Per Day पूरा करें: किस खाने में कितना प्रोटीन?
ये अनुमानित आंकड़े हैं, जो मात्रा और बनाने के तरीके से थोड़ा बदल सकते हैं:
- 1 कटोरी पकी दाल (करीब 30 ग्राम कच्ची दाल): करीब 7 ग्राम
- 1 गिलास दूध (250 ml): करीब 8 ग्राम
- 1 उबला अंडा: करीब 6 ग्राम
- 50 ग्राम पनीर: करीब 9 ग्राम
- 30 ग्राम भुने चने: करीब 6 ग्राम
- 30 ग्राम मूंगफली: करीब 7 ग्राम
- 30 ग्राम सोया चंक्स (सूखे): करीब 15 ग्राम
- 1 कटोरी दही (100 ग्राम): करीब 3 से 4 ग्राम
- 1 गेहूं की रोटी: करीब 3 ग्राम
50 ग्राम प्रोटीन का आसान शाकाहारी दिन
- सुबह: 1 गिलास दूध + 2 रोटी = करीब 14 ग्राम
- दोपहर: 1 कटोरी दाल + 1 कटोरी दही + 2 रोटी = करीब 17 ग्राम
- शाम: 30 ग्राम भुने चने या मूंगफली = करीब 6-7 ग्राम
- रात: 1 कटोरी दाल या चने की सब्ज़ी + 2 रोटी = करीब 13 ग्राम
कुल मिलाकर करीब 50 ग्राम। यानी बिना महंगे सप्लीमेंट के, घर के खाने से ही रोज़ की ज़रूरत पूरी हो सकती है।
एक टिप: दाल और अनाज साथ खाएं, जैसे दाल-रोटी, दाल-चावल या खिचड़ी। दोनों मिलकर प्रोटीन की क्वालिटी बेहतर कर देते हैं।
प्रोटीन की कमी के संकेत
- बार-बार थकान और कमज़ोरी
- मांसपेशियों की ताकत कम होना
- बाल झड़ना, नाखून कमज़ोर होना
- घाव देर से भरना
- बार-बार बीमार पड़ना
- बच्चों की लंबाई और वजन ठीक से न बढ़ना
ये लक्षण दूसरी वजहों से भी हो सकते हैं, इसलिए लंबे समय तक परेशानी हो तो डॉक्टर से जांच करवाएं।
क्या ज़्यादा प्रोटीन भी नुकसान करता है?
ज़्यादा प्रोटीन का मतलब ज़्यादा फायदा नहीं है। शरीर को प्रोटीन के साथ कार्बोहाइड्रेट, हेल्दी फैट, विटामिन, मिनरल और फाइबर भी चाहिए।
- किडनी की बीमारी वाले लोग: डॉक्टर की सलाह के बिना ज़्यादा प्रोटीन न लें।
- प्रोटीन पाउडर और सप्लीमेंट: ज़्यादातर लोगों को इनकी ज़रूरत नहीं होती। लेना ही हो, तो FSSAI लाइसेंस वाला उत्पाद चुनें और पहले डॉक्टर या डाइटीशियन से पूछें।
- सिर्फ प्रोटीन पर ध्यान: डाइट में सब्ज़ी, फल और अनाज कम हो जाएं, तो कब्ज़ और दूसरी पोषक कमी हो सकती है।
निष्कर्ष
Protein Per Day की ज़रूरत हर उम्र में अलग है। ज़्यादातर वयस्कों के लिए शरीर के वजन के हर किलो पर करीब 0.83 ग्राम, और अनाज वाली डाइट में करीब 1 ग्राम प्रोटीन काफी है। दाल, दूध, दही, पनीर, चना, मूंगफली और अंडे से यह ज़रूरत घर के खाने से ही पूरी हो सकती है। संतुलित डाइट ही सबसे अच्छा रास्ता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
एक वयस्क को Protein Per Day कितना चाहिए?
ICMR के मुताबिक वयस्क को शरीर के हर किलो वजन पर करीब 0.83 ग्राम प्रोटीन रोज़ चाहिए। 65 किलो के पुरुष के लिए करीब 54 ग्राम और 55 किलो की महिला के लिए करीब 46 ग्राम।
60 किलो वजन वाले व्यक्ति को कितना प्रोटीन चाहिए?
करीब 50 ग्राम रोज़। अगर डाइट ज़्यादातर अनाज पर टिकी है, तो करीब 60 ग्राम का लक्ष्य रखें।
गर्भावस्था में कितना प्रोटीन चाहिए?
दूसरे तिमाही में सामान्य से करीब 9.5 ग्राम और तीसरे तिमाही में करीब 22 ग्राम ज़्यादा प्रोटीन चाहिए।
क्या शाकाहारी लोग पूरा प्रोटीन पा सकते हैं?
हां। दाल, दूध, दही, पनीर, चना, सोया और मूंगफली से शाकाहारी लोग आसानी से रोज़ की ज़रूरत पूरी कर सकते हैं, खासकर दाल और अनाज को साथ खाकर।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य जानकारी के लिए है। इसे डॉक्टर की सलाह का विकल्प न मानें। किसी बीमारी, गर्भावस्था या खास डाइट की स्थिति में डॉक्टर या डाइटीशियन से सलाह लें।
स्रोत: ICMR-राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) — Nutrient Requirements for Indians, 2020 (प्रोटीन RDA तालिका)











