जयपुर, 18 फरवरी। राजस्थान की 16वीं विधानसभा का पंचम सत्र जारी है। बुधवार को विधानसभा परिसर में जल संसाधन मंत्री सुरेश रावत ने मीडिया से रूबरू होते हुए कहा कि आज विधानसभा सदस्य कुमारी रीटा ने यमुना जल समझौते से संबंधित प्रश्न किया। जिस पर मैंने बताया कि यमुना जल हमारे शेखावाटी अंचल के लिए बहुत ही आवश्यक और महत्वपूर्ण है, यह एक वृहद परियोजना है। हमारे कांग्रेस के अध्यक्ष स्वयं शेखावाटी क्षेत्र से आने के बावजूद इस परियोजना के बारे में भ्रामक एवं नकारात्मक माहौल बनाने का प्रयास करते हैं।
उन्होंने कहा कि मैं यह बताना चाहता हूं कि 12 मई 1994 को तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरों सिंह शेखावत ने इस समझौते को आगे बढ़ाया था। इसके बाद कांग्रेस की सरकार ने अपने कार्यकाल में कोई भी सकारात्मक एवं महत्वपूर्ण कदम इस परियोजना के संबंध में नहीं उठाया।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के अथक प्रयासों से 17 फरवरी 2024 को केंद्र के सहयोग से हरियाणा सरकार के साथ डीपीआर बनाने के लिए एमओयू संपन्न हुआ। साथ ही संयुक्त कार्यदल का गठन किया गया है।
रावत ने कहा कि मुझे यह बताते हुए अत्यंत हर्ष हो रहा है कि माननीय मुख्यमंत्री भजनलाल के अथक प्रयासों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृहमंत्री अमित शाह के सहयोग और मार्गदर्शन से एलाइनमेंट को लेकर हरियाणा सरकार ने आधिकारिक रूप से सैद्धांतिक सहमति प्रदान कर दी है, डीपीआर के लिए एलाइनमेंट एक महत्वपूर्ण घटक है।
उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी का इसमें सकारात्मक सहयोग रहा। भारत सरकार के केंद्रीय जल शक्ति मंत्री का भी आभार प्रकट करता हूं। आगामी एक माह में डीपीआर को पूर्ण कर लिया जाएगा तथा तय समय सीमा में यमुना का जल शेखावाटी अंचल को मिलने लगेगा।








