मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जब भी दिल्ली जाते हैं, राजस्थान के लिए कुछ न कुछ उपलब्धि लेकर आते हैं, इसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का भी पूरा सहयोग:— सीआर पाटील
राजस्थान के संदर्भ में मंत्री पाटील ने कहा कि आने वाले समय में राज्य में पानी की कोई किल्लत नहीं होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्रशंसा करते हुए कहा कि वे जल समस्या के समाधान को लेकर अत्यंत सजग हैं और दिल्ली प्रवास के दौरान रामजल सेतु परियोजना, ईआरसीपी एवं यमुना जल समझौते जैसे विषयों को प्रभावी ढंग से उठाते हैं।

मंत्री पाटील ने यमुना जल समझौते पर कहा कि लंबे समय से यमुना के जल पर राजस्थान का अधिकार था, लेकिन पिछली सरकार के दौरान इस दिशा में कोई ठोस कार्य नहीं हुआ। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश तथा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के प्रयासों से यह ऐतिहासिक एमओयू हस्ताक्षरित हुआ है। उन्होंने बताया कि अब डीपीआर पर भी सहमति बन चुकी है और यमुना का सरप्लस पानी राजस्थान को मिल सकेगा, जो राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। उन्होंने संशोधित पीकेसी-ईआरसीपी (रामजल सेतु लिंक परियोजना) पर जानकारी देते हुए कहा कि राजस्थान और मध्यप्रदेश के बीच एमओयू हो चुका है तथा डीपीआर मंत्रालय को प्राप्त हो गई है, जिस पर कार्य प्रगति पर है। इस परियोजना पर लगभग 77 हजार करोड़ से लेकर 1 लाख करोड़ रुपये तक का निवेश प्रस्तावित है और शीघ्र ही इसका कार्य प्रारंभ होगा।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की अमृत सरोवर योजना और जल जीवन मिशन ऐतिहासिक साबित हो रहे हैं। अमृत सरोवर योजना के अंतर्गत देशभर में 69 हजार से अधिक सरोवरों का निर्माण किया गया है, जिससे भूजल स्तर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जल जीवन मिशन के लिए 67 हजार 300 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। अब तक 16 करोड़ घरों में नल से जल पहुंचाया जा चुका है तथा इस योजना को 2028 तक विस्तारित किया गया है। इससे देश की लगभग 9 करोड़ माताओं-बहनों का करीब 4.5 करोड़ घंटे का समय बचा है। साथ ही जल गुणवत्ता जांच के लिए 24 लाख 80 हजार महिलाओं को प्रशिक्षित किया गया है और 2868 प्रयोगशालाओं के माध्यम से नियमित जांच की जा रही है। मंत्री पाटील ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा जब भी दिल्ली जाते हैं, राजस्थान के लिए कुछ न कुछ उपलब्धि लेकर आते हैं, जिसमें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का भी पूरा सहयोग रहता है।









