राजस्थान की राजनीति में एक बार फिर बजट को लेकर हलचल तेज हो गई है। भजनलाल शर्मा सरकार अपने कार्यकाल का एक और अहम बजट पेश करने जा रही है। 11 फरवरी 2026 को विधानसभा में रखे जाने वाले इस बजट को सरकार सिर्फ आंकड़ों का दस्तावेज नहीं, बल्कि ‘विकसित राजस्थान’ की नींव बताने में जुटी है। बजट से पहले संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल के बयान ने सियासी माहौल को और गरमा दिया है।
बजट की तारीख तय, तैयारियों में जुटी सरकार
संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने मंगलवार को आधिकारिक घोषणा करते हुए बताया कि 11 फरवरी 2026 को राजस्थान विधानसभा में बजट पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह बजट प्रदेश के सर्वांगीण विकास का रोडमैप होगा, जिसमें भविष्य की जरूरतों और जनता की अपेक्षाओं को केंद्र में रखा जाएगा।
विपक्ष से अपील: राजनीति से ऊपर उठें
मंत्री पटेल ने कांग्रेस सहित विपक्षी दलों से सदन की कार्यवाही में सकारात्मक भूमिका निभाने की अपील की। उनका कहना है कि बजट प्रदेश के विकास का आधार होता है, इसलिए विपक्ष को हंगामे के बजाय रचनात्मक सुझाव देने चाहिए। उन्होंने कहा कि विधानसभा का मंच राजस्थान के गौरवशाली इतिहास और जनता के हितों के लिए इस्तेमाल होना चाहिए।
सख्त चेतावनी भी साथ-साथ
जहां एक ओर सहयोग की बात कही गई, वहीं मंत्री ने विपक्ष को कड़ा संदेश भी दिया। उन्होंने साफ कहा कि अगर बजट सत्र के दौरान सदन की मर्यादा भंग की गई या जानबूझकर व्यवधान डाला गया, तो सरकार भी कड़े जवाब देने से पीछे नहीं हटेगी। उनके शब्दों में, “सदन जनता के मुद्दों के लिए है, हंगामे के लिए नहीं।”
कांग्रेस की अंदरूनी कलह पर तंज
जोगाराम पटेल ने कांग्रेस की आपसी खींचतान पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि विपक्ष अपनी आंतरिक राजनीति का असर विधानसभा की कार्यवाही पर न डाले और सदन में केवल जनता की समस्याओं और प्रदेश के विकास पर चर्चा करे।
बजट 2026 से बड़ी उम्मीदें
आगामी बजट से युवाओं, किसानों और महिलाओं को खास उम्मीदें हैं। माना जा रहा है कि सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट, रोजगार सृजन, कृषि सुधार और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर विशेष फोकस कर सकती है। सरकार इसे ‘विकसित राजस्थान’ की दिशा में एक अहम कदम बता रही है।
सीएम भजनलाल शर्मा ले रहे जमीनी फीडबैक
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा बजट को जनोन्मुखी बनाने के लिए संभाग स्तर पर राजनीतिक और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों का मकसद जमीनी जरूरतों को समझना है, ताकि बजट में ऐसे ऐलान किए जा सकें जो सीधे जनता को राहत दें। इस सिलसिले की शुरुआत जोधपुर संभाग से हो चुकी है।
नजरें 11 फरवरी पर
अब प्रदेश की जनता और राजनीतिक गलियारों की निगाहें 11 फरवरी पर टिकी हैं, जब भजनलाल सरकार अपने विजन को बजट के जरिए विधानसभा के पटल पर रखेगी।









