राजस्थान विधान सभा परिसर में मंत्री समूह ने की प्रेस वार्ता
सभी ने सदन में प्रतिपक्ष द्वारा किए हंगामे को बताया गैर जिम्मेदाराना
संसदीय कार्य मंत्री, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री और गृह राज्य मंत्री ने पत्रकारों को किया सम्बोधित
जयपुर, 21 फरवरी। संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल ने शनिवार को विधान सभा में प्रतिपक्ष के हंगामा को निराधार और गैर जिम्मेदाराना बताया। उन्होंने कहा कि राज्य विधान सभा की स्वस्थ परम्पराएं रही हैं। सदन में सदैव नियमों और प्रक्रियाओं की पालना सुनिश्चित हुई है। पटेल ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 5 फरवरी, 2026 को राज्य सरकार के 2 साल की उपलब्धियों का ब्यौरा सदन की पटल पर रखा था। उस दौरान प्रतिपक्ष के सदस्यों ने चर्चा के लिए सदन में सहमति दी थी।
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि सदन में सहमति के बाद 16 फरवरी, 2026 को विधान सभा की कार्य सलाहकार समिति की बैठक हुई। इसमें सर्वसम्मति से 19वां प्रतिवेदन तैयार किया गया। इसके एजेंडा संख्या 2 में ‘सरकार/2 वर्ष प्रगति एवं उत्कर्ष 2024-25 व 2025-26‘ विषय पर चर्चा के लिए रखा गया। इस प्रतिवेदन को मुख्य सचेतक ने सदन में भी पढ़ा, जिस पर सदन ने सहमति दी। इसके बावजूद शनिवार को प्रतिपक्ष द्वारा हंगामा किया गया।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष नहीं चाहते थे कि नेता प्रतिपक्ष बोले
पटेल ने पत्रकारों से कहा कि हमारी सरकार के कार्यकाल की ऐतिहासिक उपलब्धियों को सुनने की क्षमता प्रतिपक्ष के सदस्यों में नहीं है। सर्वसम्मति के बाद भी हंगामा करने पर उनकी घोर निंदा करते हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस में अंदरूनी विवाद चल रहा है। इसीलिए सदस्य गोविंद सिंह डोटासरा नहीं चाहते थे कि उनके नेता प्रतिपक्ष सदन में बोले जबकि हम चाहते हैं कि विपक्ष हमारी कमियां बताए, जिन्हें हम राज्य हित में सुधारा जा सके। कांग्रेस ने सदन से वॉक आउट होने का ही काम किया है।
दो साल में हुए ऐतिहासिक कार्य
संसदीय कार्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार ने दो साल में ऐतिहासिक विकास कार्य कराए हैं। ऐसे कार्य आज तक के इतिहास में पहले कभी नहीं हुए। हमारी उपलब्धियां सुनने की प्रतिपक्ष में क्षमता नहीं है। उन्होंने कहा कि विधान सभा के नियम और प्रक्रियाओं के अनुसार प्रतिपक्ष सदन में अपनी बात रखें। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के बजाय सदन में आकर अपने अनुभव साझा करने के लिए भी कहा।
प्रतिपक्ष ने क्यों नहीं रखी अपनी उपलब्धियां
सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि प्रतिवेदन पर हंगामा करना अनुचित है। उन्होंने कहा कि 5 फरवरी, 2026 को हमारी सरकार ने उपलब्धियों का ब्यौरा सदन में रखा, उस समय प्रतिपक्ष सदस्य गोविंद सिंह डोटासरा ने भी अपनी सरकार के 5 साल का ब्यौरा पटल पर रखने की बात कही थी, लेकिन आज तक नहीं रखा गया। उनके पास बोलने के लिए कुछ भी नहीं था, इसलिए हंगामा करते रहे। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने दो साल की उपलब्धियों का विस्तृत लेखा-जोखा पेश किया, जबकि पूर्व सरकार में तो आधी योजनाएं भी पूरी नहीं हुई थी और यही बात वे सुनना नहीं चाहते थे।
सच सुनना नहीं चाहती कांग्रेस
गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में हमारी सरकार ने विकास के नए कीर्तिमान स्थापित किए हैं जबकि प्रतिपक्ष के पास ऐसा कुछ भी नहीं है। पूर्व सरकार के दौरान प्रदेश में अपराधों की संख्या लगातार बढ़ती रही। वहीं, हमारी सरकार ने जीरो टोलरेंस पर कार्य कर प्रदेश को अपराध मुक्त बनाने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं। हमारे सतत प्रयासों का ही नतीजा है कि अपराधों में भारी गिरावट आई है। यही आंकड़े कांग्रेस को परेशान कर रहे हैं। हमारी सरकार ने सभी वर्गों के सर्वांगीण विकास के लिए रास्ते खोले हैं। उन्होंने कहा कि हमारी प्रगति और मजबूत इरादों का सच कांग्रेस सुनना नहीं चाहती है।
कांग्रेस कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की खुल रही हैं परतें
जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री कन्हैयालाल ने कहा कि कांग्रेस ने अपने कार्यकाल में किसान कल्याण के लिए कार्य नहीं किए। हमनें 2 साल में ही कृषि और किसानों को मजबूत बनाया है। अब उनके कार्यकाल में हुए भ्रष्टाचार की परतें खुलती जा रही हैं। विधायक गुरवीर सिंह ने कहा कि प्रदेश में जल उपलब्धता के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के भागीरथी प्रयास हुए हैं। विधायक सुभाष मील ने कहा कि प्रतिपक्ष के सदस्यों ने कार्य सलाहकार समिति की बैठक में सहमति दी थी, लेकिन फिर वे विषय से क्यों मुकर गए। उनका सदन से वॉक आउट दुर्भाग्यपूर्ण रहा।









