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खाराखेड़ा युवक हत्याकांड का खुलासा, जमीन के पैसों के लिए की गई थी हत्या

टिब्बी पुलिस ने गांव के ही दो लोगों  मीतू और राजू को दबोचा, इंदिरा गांधी नहर से मिला था रामदास का शव, थाने के सामने धरने के बाद तेज हुई थी जांच |

हनुमानगढ़. खाराखेड़ा निवासी युवक रामदास हत्याकांड का टिब्बी पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में गांव के ही दो आरोपियों मलकीत सिंह उर्फ मीतू (34) पुत्र दर्शन सिंह बावरी और राजकुमार उर्फ राजू (47) पुत्र हजारासिंह बावरी, दोनों निवासी खाराखेड़ा, को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मृतक के पिता द्वारा बेची गई जमीन की रकम हड़पने के लिए दोनों ने मिलकर रामदास की हत्या की साजिश रची थी।

पुलिस के अनुसार 30 जनवरी 2026 को सेवा सिंह निवासी चक 9 केएचआर रोही खाराखेड़ा ने रिपोर्ट दी थी कि उसका बेटा रामदास 26 जनवरी को जमीन बिक्री के बकाया पैसे लेने गांव के ही मीता सिंह के घर गया था, लेकिन लौटकर नहीं आया। इस पर गुमशुदगी दर्ज कर तलाश शुरू की गई, मगर लंबे समय तक युवक का कोई सुराग नहीं लगा।

इस बीच 14 फरवरी को जैसलमेर जिले के नाचना थाना क्षेत्र में इंदिरा गांधी नहर से एक अज्ञात शव बरामद हुआ। आवश्यक जांच के बाद शव की पहचान रामदास के रूप में हुई। पोस्टमार्टम जिला चिकित्सालय हनुमानगढ़ टाउन में करवाकर शव परिजनों को सौंपा गया। इसके बाद केस को हत्या में तब्दील करते हुए पुलिस ने नए सिरे से जांच शुरू की। संदेह के आधार पर मलकीत सिंह और राजकुमार को उठाकर पूछताछ की गई तो दोनों ने जमीन के पैसों पर कब्जा करने के लिए रामदास की हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस अब वारदात की पूरी सर्कम्स्टैंस, घटनास्थल और पैसों के लेन-देन की कड़ियां खंगाल रही है।

घटना के बाद परिजनों और सामाजिक संगठनों ने टिब्बी थाने के सामने धरना देकर पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगाए थे। परिजनों का कहना था कि उन्होंने शुरुआत से ही जमीन सौदे का उल्लेख कर दो लोगों पर शक जताया था, लेकिन पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की। मांगों पर आंशिक सहमति बनने के बाद सोमवार देर शाम धरना खत्म किया गया था। अब गिरफ्तारी के बाद परिजन मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की उम्मीद जता रहे हैं।

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