जयपुर। 12 फरवरी । राजस्थान विधानसभा का पंचम सत्र जारी है। गुरुवार को संसदीय कार्य मंत्री श्री जोगाराम पटेल विधानसभा परिसर में मीडिया से रूबरू हुए और सदन की कार्यवाही पर जानकारी दी।
श्री मंत्री पटेल ने कहा कि प्रश्नकाल के दौरान एक कांग्रेस विधायक ने ‘राइट टू हेल्थ’ कानून को आधार बनाकर राजनीति करने का प्रयास किया, और ये प्रश्न था कि कानून बनने के बावजूद उसकी नियमावली (रूल्स) तैयार नहीं किए।
इस पर चिकित्सा मंत्री श्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने विस्तृत जवाब देते हुए कहा कि पिछली कांग्रेस सरकार ने अपने कार्यकाल के अंतिम चरण में आचार संहिता लागू होने से ठीक पहले राजनीतिक लाभ के उद्देश्य से यह कानून पारित किया था, लेकिन उसकी नियमावली तैयार नहीं की गई। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए कई प्रभावी कदम उठाए हैं।
मंत्री श्री पटेल ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा आमजन को निःशुल्क और सुलभ उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी विभिन्न योजनाओं के तहत इलाज की सुविधा दी जा रही है। निःशुल्क दवाइयाँ, जांच और उपचार की व्यवस्था से लोगों को सीधा लाभ मिल रहा है। मौजूदा व्यवस्थाओं के तहत स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावी ढंग से संचालित हो रही हैं, इसलिए फिलहाल अलग से नियमावली बनाने की आवश्यकता महसूस नहीं की जा रही है।
वहीं, कांग्रेस विधायकों द्वारा किए गए वॉकआउट की कड़ी निंदा करते हुए इसे राजनीतिक नौटंकी बताया। उनका कहना था कि सदन में दिए जा रहे तथ्यात्मक जवाबों से विपक्ष असहज है, जिसके चलते वह वॉकआउट का सहारा ले रहा है। कांग्रेस के पास ना विजन है ना कोई कार्ययोजन है।
सदन में कथित आपत्तिजनक इशारों को लेकर भी सत्ता पक्ष ने नाराजगी जताई और इसे संसदीय परंपराओं के विरुद्ध बताया। मामले की समीक्षा कर आवश्यक कार्रवाई पर विचार करने की बात कही गई है।









