जयपुर, 12 फरवरी। राजस्थान विधानसभा के पंचम सत्र के दौरान 11 फरवरी को राज्य सरकार का बजट वर्ष 2026–27 प्रस्तुत किया गया। गुरुवार को विधानसभा परिसर में मीडिया से रूबरू होते हुए पशुपालन मंत्री श्री जोराराम कुमावत ने बजट को ऐतिहासिक और सर्वस्पर्शी बताया।
पशुपालन मंत्री ने कहा कि माननीय मुख्यमंत्री श्री भजन लाल शर्मा के नेतृत्व में राज्य सरकार का यह तीसरा बजट है, जिसे वित्त मंत्री श्रीमती दिया कुमारी ने प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि पूर्व के दोनों बजट की तरह यह बजट भी किसानों, महिलाओं, युवाओं और गरीबों के सशक्तिकरण को समर्पित है। राज्य सरकार का उद्देश्य समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति तक बिजली, पानी, शिक्षा, चिकित्सा और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है।
मंत्री श्री कुमावत ने कहा कि प्रदेश के लगभग 70 प्रतिशत लोग कृषि और पशुपालन से जुड़े हैं। ऐसे में डेयरी सेक्टर को सशक्त बनाने के लिए पूर्व में घोषित एक हजार करोड़ रुपये की राशि को बढ़ाकर दो हजार करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही 500 नए दुग्ध बूथ और 1000 नए दुग्ध संकलन केंद्र खोलने की घोषणा की गई है। एक लाख पशुपालकों को दूध, मावा और मिठाई निर्माण का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
उन्होंने बताया कि बारां और सिरोही में नए डेयरी उत्पाद संयंत्र स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। जैसलमेर दुग्ध केंद्र की क्षमता 30 हजार लीटर से बढ़ाकर 50 हजार लीटर प्रतिदिन करने हेतु 25 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। अलवर में मिल्क पाउडर प्लांट स्थापित करने के लिए 200 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं।
पशु चिकित्सा सेवाओं के विस्तार के तहत 25 पशु चिकित्सालय क्रमोन्नत किए जाएंगे, 200 नए पशु उपकेंद्र और 50 प्रथम श्रेणी पशु चिकित्सालय खोले जाएंगे। मंत्री ने कहा कि इन घोषणाओं से किसानों और पशुपालकों को बेहतर इलाज और सुविधाएं मिल सकेंगी।
इसके अतिरिक्त देवस्थान विभाग के माध्यम से होली, दीपावली और गुरु पूर्णिमा जैसे पर्वों पर मंदिरों में पूजा-अर्चना एवं धार्मिक गतिविधियों के लिए 13 करोड़ रुपये की घोषणा की गई है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए देश के प्रमुख तीर्थस्थलों और काठमांडू (नेपाल) स्थित पशुपतिनाथ मंदिर की यात्रा हेतु 56 हजार श्रद्धालुओं को विशेष ट्रेन से यात्रा कराने की योजना भी बजट में शामिल है।
मंत्री ने कहा कि यह बजट वर्ष 2047 तक विकसित भारत और विकसित राजस्थान के संकल्प को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है और इससे राज्य विकास की नई ऊंचाइयों की ओर अग्रसर होगा।









