आजकल हर उम्र के लोगों में सबसे आम शिकायत नींद की कमी, लगातार थकान, हार्मोनल असंतुलन और ‘अच्छा महसूस न होना’ है, जबकि सभी टेस्ट सामान्य आते हैं। विशेषज्ञ अब बता रहे हैं कि इसका असर केवल मानसिक ही नहीं, बल्कि शरीर पर भी पड़ता है। इस समस्या का एक साधारण और असरदार हल है – ध्यान (Meditation), माइंडफुलनेस और योग।
पहले इसे सिर्फ आध्यात्मिक अभ्यास माना जाता था, लेकिन अब यह न्यूरोसाइंस, एंडोक्रिनोलॉजी और स्लीप मेडिसिन के शोध में भी साबित हो चुका है कि ध्यान से मस्तिष्क और शरीर दोनों में कई फायदे होते हैं।
1️⃣ क्यों बिगड़ रही है हमारी नींद?
Dr. Basavaraj S Kumbar (कंसल्टेंट-इंटरनल मेडिसिन) कहते हैं, “आजकल नींद की समस्या का मुख्य कारण नर्वस सिस्टम का अधिक उत्तेजित होना है। लंबे काम के घंटे, लगातार स्क्रीन का इस्तेमाल और लगातार तनाव मस्तिष्क को अलर्ट मोड में रखता है, जिससे नींद कम हो जाती है।”
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तनाव और नींद की कमी का वृत्ताकार असर होता है – नींद कम होने से तनाव और बढ़ता है, और तनाव नर्वस सिस्टम को एक्टिव रखता है।
2️⃣ ध्यान कैसे सुधारता है नींद?
ध्यान का अभ्यास पैरासिंपैथेटिक नर्वस सिस्टम को सक्रिय करता है, जो शरीर का आराम और मरम्मत मोड है।
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माइंडफुलनेस और फोकस्ड-ब्रीथिंग मेडिटेशन से अमिग्डेला (stress और fear का सेंटर) की एक्टिविटी कम होती है।
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मस्तिष्क के इमोशनल रेगुलेशन वाले हिस्सों के बीच इंटरेक्शन बढ़ता है।
क्लिनिकल फायदे:
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नींद जल्दी आती है (कम sleep latency)
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डीप नॉन-REM नींद बढ़ती है
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रात में कम बार जागना पड़ता है
Dr. Kumbar कहते हैं कि सिर्फ 10-15 मिनट की शाम की मेडिटेशन भी कुछ ही हफ्तों में नींद में सुधार ला सकती है।
3️⃣ तनाव और हार्मोनल संतुलन
ध्यान से कॉर्टिसोल (stress hormone) कम होता है और मेलाटोनिन (नींद हार्मोन) बढ़ता है, जिससे हार्मोनल सिस्टम, थायरॉइड, इंसुलिन और प्रजनन हार्मोन संतुलित रहते हैं।
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यह PCOS, फर्टिलिटी, वजन बढ़ना या थकान जैसी समस्याओं में मदद करता है।
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नियमित ध्यान सर्केडियन रिदम (शरीर की आंतरिक घड़ी) को स्थिर करता है।
4️⃣ मूड और सेरोटोनिन
ध्यान से सेरोटोनिन का स्तर बढ़ता है, जो मूड को स्थिर रखता है और मेलाटोनिन का प्रीकर्सर भी है।
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इसका मतलब है कि ध्यान से बेहतर मूड, नींद और कम चिंता एक साथ मिलती है।
5️⃣ दिल और इम्यूनिटी पर असर
ध्यान से:
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ब्लड प्रेशर कम होता है
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हृदय की गतिविधि में सुधार होता है
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कार्डियक इवेंट का खतरा घटता है
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इम्यून सिस्टम मजबूत होता है, नेचुरल किलर सेल्स की एक्टिविटी बढ़ती है
इससे व्यक्ति बीमारियों से जल्दी उबरता है और स्ट्रेस से जुड़ी इन्फ्लेमेशन भी कम होती है।
6️⃣ मानसिक स्वास्थ्य पर लाभ
ध्यान मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है:
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तनाव, चिंता और हल्की डिप्रेशन में मदद करता है
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थकान और क्रॉनिक पेन की स्थितियों में राहत देता है
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मस्तिष्क का तरीका बदलता है – समस्याओं को दबाने की बजाय हैंडल करना सिखाता है
7️⃣ नियमित अभ्यास सबसे ज़रूरी
ध्यान के लिए लंबे समय, महंगे उपकरण या लाइफस्टाइल बदलने की जरूरत नहीं।
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रोज़ाना 10-15 मिनट का छोटा सेशन भी बहुत असर डाल सकता है।
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नियमितता (Consistency) ही सबसे बड़ी ताकत है।
निष्कर्ष:
ध्यान, माइंडफुलनेस और योग न केवल तनाव कम करते हैं, बल्कि नींद सुधारते हैं, हार्मोनल संतुलन बनाए रखते हैं, दिल और इम्यूनिटी को मजबूत करते हैं और मानसिक स्वास्थ्य सुधारते हैं।
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आज से ही रोज़ाना छोटा ध्यान सेशन अपनाएं और अपने शरीर और मन को स्वस्थ बनाएं।






